पूर्व सांसद की कथित हरकत पर उठे सवाल
टोंक-सवाई माधोपुर| लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके सुखबीर सिंह जौनापुरिया को टोंक जिले की निवाई तहसील में कंबल वितरण के दौरान मुस्लिम समाज की महिलाओं से कंबल वापस लेना भारी पड़ गया। अब जौनापुरिया सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोल का शिकार हो रहे हैं। दरअसल पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया निवाई क्षेत्र के दौरे पर थे, जहां वे करेड़ा गांव में कंबल वितरण कर रहे थे, इसी दौरान ग्रामीणों के साथ मुस्लिम महिला भी भीड़ में मौजूद थी। उन्होंने उसे पहले कंबल दे दिया गया और फिर उसका नाम पूछकर कंबल वापस ले लिया। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि जो मोदी को गाली देने वाला है, उसे रहने का हक ही नहीं है, चाहे भला लगे या बुरा लगे। सांसद की इस बात पर जब स्थानीय व्यक्ति ने कार में बैठते वक्त उन्हें टोका तो फिर दोनों में भी तीखी नोंकझोंक हुई और अब यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विक्रम चौधरी ने पीड़ित मुस्लिम परिवार के बीच पहुंच पहले तो कंबल वितरण किए फिर सोशल मिडिया पर जौनापुरिया को जमकर आड़े हाथों ले लिया। विक्रम चौधरी ने जौनापुरिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी ओछी मानसिकता के द्वारा जिस तरीके से एक धर्म विशेष को लेकर जो अपमान किया है, यह किसी व्यक्ति विशेष या धर्म विशेष का नहीं है, बल्कि जिले के हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो अपने अंदर स्वाभिमान रखता है।इधर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने इसे टेग करते हुए लिखा- भाजपा के पूर्व सांसद ने कम्बल वितरण करके एक गरीब महिला से धर्म पूछा फिर कंबल वापस लिया। उन्होंने कहा- आज टोंक जिले के निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में पूर्व टोंक सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया पहुंचे थे जहां उन्होंने कंबल वितरण के दौरान मुस्लिम महिला को बेइज्जत कियाए पहले कंबल वितरण करके फिर वापिस ले लिया गया।ग्रामीणों ने सांसद साहब की इस कार्यशैली का विरोध किया तो उन्होंने धमकी तक दे डाली। ग्रामीणों ने इस भेदभाव पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि जो सांसद जैसे पद पर विराजमान रहा हो वो इस तरह की हरकत करे ये बिल्कुल निंदनीय है।वहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अकबर खान ने भी पूर्व सांसद जौनापुरिया से इस पूरे मामले में माफी मांगने की चेतावनी दी है। हालांकि अब तक पूरे मामले में पूर्व सांसद जौनापुरिया की कोई सफाई नहीं आई है लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले में जबरदस्त सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है, वहीं करेड़ा गांव में भी ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।

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