राजस्थान SI पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, सहायक लेखाधिकारी SOG के शिकंजे में
जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र लीक मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहे 10 हजार रुपये के वांटेड अपराधी और सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव को दबोच लिया है। आरोपी पेपर लीक कांड के बाद से ही भूमिगत था और अजीतगढ़ (सीकर) पंचायत समिति में अपने सरकारी पद से भी लगातार गैरहाजिर चल रहा था।
आरपीएससी सदस्य से शुरू हुए लीक नेटवर्क से जुड़े नागेश के तार
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने इस बड़ी कामयाबी की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए प्रश्नपत्रों और उत्तरों का जाल कई दलालों तक फैला था। जांच के दौरान यह परत खुली कि इसी गिरोह से जुड़े सहायक लेखाधिकारी पुरुषोत्तम दाधीच ने सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र और उसकी आंसर-की नागेश कुमार यादव तक पहुंचाई थी। एसओजी की टीमें इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं और कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थीं।
भाई को पास कराने के लिए साढ़े सात लाख में खरीदा था प्रश्नपत्र
खुलासे के मुताबिक, नागेश ने अपने सगे भाई सुरजीत सिंह यादव को धांधली के जरिए दारोगा बनाने के लिए पुरुषोत्तम दाधीच के साथ 7.50 लाख रुपये का मोटा सौदा किया था। परीक्षा से ठीक पहले व्हाट्सएप के जरिए प्रश्नपत्र और सटीक उत्तर नागेश को भेजे गए थे। इस लीक सामग्री को रटकर परीक्षा में बैठे सुरजीत ने हिंदी में 200 में से 190.79 और सामान्य ज्ञान में 158.27 अंक हासिल कर लिए और पूरे राज्य की मेरिट सूची में 18वां स्थान पाकर उपनिरीक्षक पद पर चुन लिया गया। इस जालसाजी का पता चलते ही एसओजी ने सुरजीत सिंह यादव को 9 अक्टूबर 2024 और उसके मददगार पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 को पहले ही जेल भेज दिया था।
सीकर पुलिस की मदद से दबोचा गया इनामी आरोपी और अब तक 144 गिरफ्तार
मूल रूप से सीकर के श्रीमाधोपुर अंतर्गत हरदास का बास निवासी नागेश कुमार यादव की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिसके चलते उस पर 10 हजार रुपये का इनाम तय किया गया था। आखिरकार एसओजी ने सीकर जिला पुलिस के साथ मिलकर एक साझा ऑपरेशन चलाया और फरार नागेश को घेराबंदी कर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा घोटाला मामले में जांच एजेंसी अब तक कुल 144 चेहरों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है और पकड़े गए नए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर अन्य सफेदपोशों के नामों का पता लगाया जा रहा है।

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