विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. मंगला राय ने वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन
रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा आज कृषि महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में ‘डॉ. मंगला राय से संवाद’ नामक एक प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया। जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक एवं विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ मंगला राय ने वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी व्यक्तित्वों से रूबरू कराना तथा उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करना था।
डॉ. राय ने संवाद के दौरान कृषि अनुसंधान, नवाचार, और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खेती-किसानी को विज्ञान आधारित दृष्टिकोण से समझें और उन्नत तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करें। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, वरिष्ठ अधिकारीगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुसंगठित रूप से किया गया एवं अंत में सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। डॉ रॉय ने अपने प्रवास के दौरान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में संचालित अनुसंधान गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं का जायज़ा भी लिया और प्रसन्नता ज़ाहिर की।

ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए दी जाएगी हर संभव मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बिहान से बदल रहा ग्रामीण परिवेश, पुष्पा बनी लखपति दीदी
कोटा परिक्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त में सागौन के लट्ठा जब्त
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों को मिला आजीविका का सहारा
बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शासकीय सेवकों को मिलेगा 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ईडन गार्डन कॉलोनी में प्रबंधन को लेकर बढ़ा विवाद, अधिकृत प्रकोष्ठ को प्रभार न मिलने से विकास कार्य ठप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक राव राजकुमार यादव के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना
पहली कृषि कैबिनेट में कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये की स्वीकृति