सिर्फ भाषणों से नहीं चलेगा काम: सचिन पायलट का तंज
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और केंद्र व राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश अंबेडकर जयंती को एक पर्व के रूप में मना रहा है और यह गर्व की बात है कि हम सभी मिलकर उन्हें याद कर रहे हैं। पायलट ने कहा कि अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में रहकर देश को जो संविधान दिया, वह किसी भी व्यक्ति द्वारा राष्ट्र को दिया गया सबसे बड़ा योगदान है।
संविधान की प्रासंगिकता और वर्तमान हालात पर सवाल
सचिन पायलट ने कहा कि वर्षों की मेहनत और गहन अध्ययन के बाद तैयार किया गया संविधान आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है, बल्कि मौजूदा समय में इसकी आवश्यकता और भी अधिक महसूस की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संविधान की मूल भावना से समझौता होता नजर आता है। उनका कहना था कि सरकार में बैठे लोगों को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या वे संविधान की भावना के अनुरूप काम कर रहे हैं या नहीं।
महिला आरक्षण बिल पर समर्थन के साथ चिंता
महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के पक्ष में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक-तिहाई महिला आरक्षण बिल तैयार किया गया था, लेकिन वह उस समय पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा लाए जा रहे बिल का समर्थन है, लेकिन इसकी आड़ में प्रक्रिया से किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
परिसीमन और जनगणना को लेकर आशंका
पायलट ने परिसीमन और जनगणना के नाम पर महिला आरक्षण बिल को टालने की संभावनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह का संदेह न हो।
राजस्थान की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
राजस्थान की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा कि जयपुर सहित प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों को टालना, नरेगा कार्यों में कमी और प्रशासनिक उदासीनता राज्य सरकार की विफलता को दर्शाती है।
घोषणाओं से आगे बढ़कर काम करने की जरूरत
अंत में पायलट ने कहा कि सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना होगा और राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करना होगा। पांच राज्यों के चुनावों को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि देश में बदलाव की लहर है और कांग्रेस को इसका लाभ मिलेगा।

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