व्यापार बंद करने की धमकी के साथ ट्रंप ने स्पेन पर साधा निशाना
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के रक्षा बजट में कम योगदान देने को लेकर स्पेन सरकार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने स्पेन को एक 'असुरक्षित और नाकाम भागीदार' करार देते हुए साफ कहा है कि अमेरिका अब उसके साथ किसी भी तरह का व्यापार नहीं करना चाहता। वर्ष 2026 के नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नए महासचिव मार्क रूटे के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के वक्त ट्रंप ने मीडिया से चर्चा में यह बातें कहीं। उन्होंने इस सैन्य गठबंधन में स्पेन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
स्पेन से अब कोई व्यापारिक उम्मीद नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति
अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोटूक शब्दों में कहा, "अब स्पेन से किसी भी तरह की उम्मीद रखना बेकार है। हम उसके साथ अपने तमाम व्यापारिक रिश्तों को खत्म करने जा रहे हैं। स्पेन नाटो के भीतर एक बेहद गैर-जिम्मेदार सहयोगी की तरह व्यवहार कर रहा है, जो न तो अभियानों में ठीक से हिस्सा लेता है और न ही तय फंड मुहैया कराता है। ऐसे में मैं स्पेन के साथ कोई वास्ता नहीं रखना चाहता।"
नाटो के नए डिफेंस बजट लक्ष्य को मानने से स्पेन का इनकार
दरअसल, यह पूरा विवाद तब गहराया जब स्पेन नाटो का एकमात्र ऐसा सदस्य देश बना, जिसने सैन्य गठबंधन के नए रक्षा खर्च के नियमों को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया। गौरतलब है कि साल 2025 में हुए हेग शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो के तमाम सदस्य देशों ने यह सहमति बनाई थी कि साल 2035 तक सभी देश अपनी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का पांच फीसदी हिस्सा देश की सुरक्षा और रक्षा प्रणाली पर खर्च करेंगे।
हालांकि, स्पेन ने इस नियम से एक विशेष छूट हासिल कर ली, जिसके तहत वह अपने सैन्य बजट को अपनी जीडीपी के केवल 2.1 प्रतिशत तक ही सीमित रख सकता है। उसे पांच फीसदी वाले कड़े नियम को मानने की जरूरत नहीं होगी। यही वजह है कि अपनी अर्थव्यवस्था के अनुपात में रक्षा पर खर्च करने के मामले में स्पेन पूरे नाटो गठबंधन में सबसे निचले पायदान पर है।
यूरोपीय सहयोगियों पर क्यों भड़क रहे हैं ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यूरोपीय देशों की इस बात के लिए आलोचना करते रहे हैं कि वे अपनी सामूहिक सुरक्षा के लिए तय मापदंडों के अनुसार पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने हमेशा नाटो के सदस्य देशों पर रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव बनाया है। उनका सीधा आरोप है कि कई यूरोपीय देश अपनी खुद की सुरक्षा के लिए अमेरिका के संसाधनों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो चुके हैं, जो कि पूरी तरह गलत है।
ईरान नीति और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बढ़ा तनाव
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दूरियां और ज्यादा बढ़ी हैं, जिसका मुख्य कारण विदेश नीति को लेकर पैदा हुए मतभेद हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज उन गिने-चुने यूरोपीय राष्ट्राध्यक्षों में शामिल थे, जिन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई का खुलकर विरोध किया था। इसके अलावा, स्पेन सरकार ने अपने दक्षिणी इलाके में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों में करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसने आग में घी डालने का काम किया और दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट ला दी।

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