Alwar में पंचायत चुनाव से पहले वार्डों का फेरबदल, राजनीतिक रणनीति प्रभावित
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।
उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और आम लोगों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। वार्डों की सीमाएं तय करते समय क्षेत्र के प्रमुख मोहल्लों, आसपास के पहचान वाले स्थलों और मकान मालिकों के नामों को आधार बनाया गया है। इससे मतदाताओं को यह समझने में आसानी होगी कि उनका वार्ड कौन सा है और वे किस मतदान केंद्र में वोट डालेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य में किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति नहीं बनेगी।
7 नई पंचायतों सहित 23 पंचायतों में बदलाव
बानसूर पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 44 ग्राम पंचायतें आती हैं, लेकिन इस बार पुनर्गठन की प्रक्रिया में 23 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें 7 नई ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं, जिनमें पहली बार वार्डों का औपचारिक गठन किया जा रहा है। वहीं, बाकी 16 पुरानी पंचायतों में बढ़ती आबादी और भौगोलिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वार्डों की सीमाओं में बदलाव किया गया है।
आपत्तियों के लिए एक सप्ताह का मौका
प्रशासन ने आम जनता को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया है। नए बनाए गए वार्डों की सूची और उनके नक्शे संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों के नोटिस बोर्ड और सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दिए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति को वार्ड की सीमा, जनसंख्या के बंटवारे या गठन की प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह एक सप्ताह के भीतर लिखित रूप में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्तियां जिला कलेक्टर कार्यालय, उपखंड अधिकारी कार्यालय या तहसीलदार कार्यालय में दी जा सकती हैं। तय समय के बाद मिलने वाली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही वार्डों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

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